चुनावी रण के बीच मिठास पैदा करने वाली जमीन का कड़वा सच
रवीन्द्र कुमार उत्तर प्रदेश की 40 लोकसभा क्षेत्रों में देश की आधी मिठास पैदा होती है। इनमें से आठ लोकसभा सीटों पर पहले फेज के चुनाव भी है। गन्ना किसान धरना प्रदर्शन करने पर आमादा हैं और इस फेज में चुनावों का बहिष्कार करने की बात कह रहे हैं। इसका कारण ये है कि गन्ना किसान पिछली सरकारों से तो परेशान थे ही नयी सरकार से भी बहुत ज्यादा खुश नहीं है। क्योंकि चीनी मिलों पर उनका करीब 12000 करोड़ बकाया है जबकि सरकार ने 14 दिन में पूरे पेमेंट का वादा किया था। चुनावी वादा और गन्ना किसानों की अनसुलझी पहेली चुनाव हैं तो संभव है वादे भी होंगे और मनलुभावन बाते भी होंगी। मेरठ में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें गन्ना किसानों के बकाये की जानकारी है। वो ताबड़तोड़ यहां वादा भी करते गए कि 6 तारीख तक गन्ना किसानों को उनका पैसा मिल जाएगा। लेकिन, 6 तारीख बीत चुकी है और कुछ को छोड़कर गन्ना किसान बैंक में पैसे आने या फिर मिलने का इंतजार ही कर रहे हैं। 15 लोकसभा क्षेत्र और मिठास में घुलता जहर पश्चिमी यूपी के 15 लोकसभा क्षेत्र गन्ना बेल्ट में हैं। वहीं, यूपी में 40 लोकसभा क्षे...